सागर से उठता धुआं
बुधवार, 11 अगस्त 2010
जिंदगी को फूलो से महका दिया
रेगिस्तान में प्रीत का झरना बहा दिया
हर संग तू हमारे ख्वाब सा
चाँद सितारों की करू क्यू तमन्ना
तुमने चांदनी रत का मुझे अम्बर
बना दिया
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