कितने भोले कितने मासूम
कितने खुश मिजाज हो तुम
नमाजियों की दुआ का
अल्फाज हो तुम
तुम, तुम हो तुम से न पहले था कोई
न होगा तुम्हारे बाद
भावनाओं का इन्कलाब हो तुम
हमारा अब जीना मरने के लीए
अगले जन्म का ख्वाब हो तुम
न पाकर भी पा लिया
न मील कर भी मिल लिया
कितना अनोखा अहसास हो तुम
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