सोमवार, 28 जून 2010

आज कल भ्रष्टाचार का विरोध
कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है !
पर इसका नशा उतरने के
बजाए cहद रहा है !
जो इसके खिलाफ बोल रहा है
वो भी कही न कही
अपने लीए भ्रष्टाचार का
नया तरीका गढ़ रहा है !
सब परेसान है कैसे
मिटाया जाये इसको
हमने कहा परेसान
होने की कोई बात नहीं
यह मिटाना आसान है
बस हमें एक हजार रुपये दो
हम मिटा देंगे
हमारी बड़े साहब से पहचान है

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