गुरुवार, 8 जुलाई 2010

शब्दों में सच है ।


जो लिखा हकीकत है


फिर भी भारत गणतंत्र है


भूखो को भूखा रखो


पूंजीवादी व्यवस्था का


यही मन्त्र है


ये जूठा गणतंत्र है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें